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Hindi ki up bhasha ur boliyaan/ हिन्दी भाषा और उसकी उपभाषाएँ एवं उसकी बोलियाँ

आज आप इस लेख मे हिन्दी भाषा और उसकी उपभाषा और बोलियों के बारे में जानकारी दी गई है तो इस लेख को अंत तक पड़े। 

हिन्दी की उपभाषा और बोलियाँ

हिन्दी भाषा के विकास का सफर बहुत बड़ा है हिन्दी का ये सफर संस्कृत- पाली- प्राकृत- अपभ्रंश से होते हुए आया है।संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी कहा जाता है हिन्दी की उपभाषाएँ कुछ इस प्रकार है। 

Hindi ki up bhasha ur boliyaan


अपभ्रंश- अपभ्रंश के ही उपनाम अवहट्ट, अविहथ्था, बिगड़ी हुई भाषा, भ्रष्ट आदि नाम है अपभ्रंश की ही कुछ उपभाषाएँ इस प्रकार है (500 ई•-1000 ई•) 

  1. शोरसेनी अपभ्रंश- पश्चिमी हिन्दी, गुजराती, राजस्थानी हिन्दी
  2. खस अपभ्रंश- पहाड़ी हिन्दी
  3. पैशाची - पञ्जाबी, लहदा
  4. ब्राचड अपभ्रंश- सिंधी
  5. महाराष्ट्री अपभ्रंश- मराठी
  6. अर्ध्द मागधी अपभ्रंश- पूर्वी हिन्दी
  7. मागधी अपभ्रंश- बांग्ला, असमिया, उड़िया, बिहारी हिन्दी। 
  इस प्रकार हिन्दी की 5 उपभाषाएँ शौरसेनीअपभ्रंश(पश्चिमी हिन्दी, राजस्थानी हिन्दी), खस अपभ्रंश(पहाड़ी हिन्दी), अर्ध्द मागधी अपभ्रंश(पूर्वी हिन्दी), मागधी अपभ्रंश (बिहारीहिन्दी) इनकी 18बोलियाँ कुछ इस प्रकार है-
हमारे भारत मै 600 से अधिक और  700 से कम बोलियाँ विधमान है। हिन्दी की उपभाषाएँ इस प्रकार है-
राजस्थानी हिन्दी- बोलियाँ- राजस्थानी ,मारवाडी
बोला जाने वाला क्षेत्र-    राजस्थान, सिंध, मालवा

पश्चिमी हिन्दी- बोलियाँ- ब्रजभाषा, खड़ीबोली, हरियाणवी, कौरवी, बुंदेली, कनौजी 
बोलाजाने वाला क्षेत्र- हरियाणा, उत्तरी मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली

पूर्वी हिन्दी- बोलियाँ- अवधी, बघेली, छत्तीसगढी
बोलजाने वाला क्षेत्र- मध्य- पूर्व उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ

बिहारी हिन्दी- बोलियाँ -भोजपुरी, मगही, मैथिली
बोला जाने वाला क्षेत्र- बिहार, झारखंड

पहाड़ी हिन्दी- बोलियाँ- गढ़वाली, कुमाऊँनी
बोलजाने वाला क्षेत्र- उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश। 


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