शब्द रचना: परिभाषा, भेद और उदाहरण | Shabd Rachna In Hindi
जैसे-
रेलगाड़ी - रेल(अंग्रेजी) + गाड़ी(हिंदी)
सीलबंद - सील(अंग्रेजी) + बंद(फारसी)
पानदान - पान(हिंदी) + दान(फारसी)
इनके आधार पर शब्द तीन प्रकार के होते हैं -
1.मूल शब्द -
वह शब्द जो किसी दूसरे शब्द या शब्दांश के योग से न बने हो और अपने आप में पूर्ण हो अर्थात जिन शब्दों के सार्थक खंड ना हों उन्हें मूल शब्द कहते हैं इन्हें मौलिक या यौगिक शब्द भी कहा जाता है-
जैसे- सेना, कुत्ता, फूल, चावल, दिन, घोड़ा आदि
2. योगिक शब्द -
वह शब्द जो दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से बने होते हैं अर्थात इनको पृथक करने पर इनके सार्थक खंड होते हैं।
जैसे-
सेनापति- सेना + पति
अनुशासन - अनु + शासन
चतुराई - चतुर + आई
नोट - संधि, समास, उपसर्ग, प्रत्यय से बने सभी शब्द यौगिक शब्द होते हैं।
3. योगरूढ़ शब्द -
जब दो शब्द मिलकर एक यौगिक शब्द बनाते हैं लेकिन उसका अर्थ कुछ विशेष(रूढ़) हो जाता है तो ऐसे शब्दों को योगरूढ़ शब्द कहते हैं।
जैसे-
शब्द शब्द रचना अर्थ
लंबोदर - लंबा + उदर गणेश भगवान
दशानन दश + आनन रावण
नीलकंठ नीला + कंठ नीलकंठ
नोट- जितने भी बहुव्रीहि समास के उदाहरण हैं वे सभी योगरूढ़ शब्द कहलाते हैं।
वे शब्द जिनमें लिंग, वचन, कारक , के कारण परिवर्तन(विकार) होता है अर्थात जो प्रयोग के आधार पर अपना अर्थ बदल देते हैं विकारी शब्द कहलाते हैं
जैसे-
संज्ञा-
लड़का पढ़ रहा है लड़की पढ़ रही है
लड़का दौड़ रहा है लड़के दौड़ रहे हैं
सर्वनाम- मैं, तू, वह, यह आदि।
मैं खाना खा रहा हूँ मैं खाना खा रही हूं
वह खाना खा रहा है वे खाना खा रहे हैं
विशेषण - अच्छा, बुरा, मीठा, कड़वा, आदि
वह अच्छा लड़का है वह अच्छी लड़की है
क्रिया- खेलना, नहाना, सोना पढ़ना आदि
वह खेलता है वे खेलते हैं
2.अविकारी शब्द-
वह शब्द जिनके मूल रूप में या अर्थ में परिवर्तन या विकार नहीं होता है उन्हें अविकारी(अब्यय) शब्द कहते हैं
जैसे- हे, हो, आरे, परन्तु ,किंतु आदि
अविकारी शब्द के 4 भेद हैं-
1) सम्बोधन वाची अविकारी शब्द- हे, हो,अरे,अबे,
2) क्रियाविशेषण वाची अविकारी शब्द - धीरे-धीरे , जोर से, तेजी से, बार-बार ,
3) समुच्चय वाची अविकारी शब्द -
और,किंतु,परंतु,लेकिन,इसलिए, क्योंकि,
4) सम्बंध बोधक अविकारी शब्द- में, पर, आगे, पीछे, आदि
जिन शब्दों का केवल एक ही अर्थ होता है व्यक्तिवाचक संज्ञा के सभी शब्द एकार्थी शब्द है जैसे राम सीता यमुना दिल्ली आदि
B).अनेकार्थी शब्द -
जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं जैसे
हार - पराजय, गले की माला
कनक- सोना , धतूरा
C). पर्यायवाची/समानार्थी शब्द-
यदि अनेक शब्दों के समान अर्थ होते हैं तो उन्हें पर्यायवाची शब्द कहा जाता है
जैसे
आग- अग्नि, पावक, अनल
आकाश- गगन, अम्बर, आसमान, नभ,
सूर्य- रवि, भास्कर ,भानु,
D). विपरीतार्थी/विलोम शब्द-
दिन - रात
ऊपर-नीचे
जय- पराजय
शब्द भेद (शब्द रचना) MCQ
Q. शब्द रचना कितने प्रकार के होते हैं?
रचना के आधार पर शब्दों के तीन भेद होते हैं:
रूढ़/मूल शब्द
यौगिक शब्द
योगरूढ़ शब्द
तथा उत्पत्ति के आधार पर शब्दों के चार भेद होते है;
तत्सम शब्द
तद्भव शब्द
देशज शब्द
विदेशज शब्द
Q. शब्दों की रचना कैसे होती है?
शब्दों की रचना उपसर्ग, प्रत्यय, समास, संधि आदि जोड़कर होती है. जैसे; श्रम+इक = श्रमिक, विधा+आलय = विद्यालय, श्रम+शील = श्रमशील आदि.
Q. शब्द रचना के प्रमुख तत्व कौन कौन से हैं?
शब्द रचना के प्रमुख तत्व निम्न प्रकार है:
उपसर्ग
प्रत्यय
समास
संधि, आदि.
Q. शब्द के कितने भेद होते हैं?
उत्पत्ति के आधार पर शब्द के 4 भेद है जो इस प्रकार है
तत्सम,
तद्भव,
देशज,
विदेशी
SN Hindi vyakaran
By sangeeta namdeo


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